BSP@ जो लोग कहते है की बहन जी ने अपने समाज के लिए शिच्छा और रोजगार पर पैसे खर्च करना चाहिए, न की पत्थर की मूर्तियों पर, सवाल यह है की दलित बहुजन हजारों सालों से मेहनत मजदूरी करके जिन्दा है और आगे भी मेहनत के बल पर जिन्दा रहेगा आज नहीं तो कल अपने मेहनत के बल पर मुख्यधारा में आ ही जायेगा ...लेकिन बहन जी ने जो हमारे महापुरषों के स्मारक और मुर्तिया लगवा दिया वो तो हजारो सालों के लिए अमर हो गया i वो तो हमारी फिक्स सम्पति है i राजाओं ने जनता के धन से बहुत सारे पत्थरों के किले बनवाये I पुजारियों के लाभ के लिए बहुत सारे पत्थरों के बड़े बड़े मंदिर बनवाये I शाह जहाँ ने करोंड़ों रुपये का ताज महल अपनी पत्नी की शान / याद में बनबाया I पत्थरों की क़ुतुब मीनार बनबाई I लक्ष्मी बाई ने अपनी जान की हिफाजत में पत्थरों का किला बनबाया I बड़ी बड़ी पत्थरों की बहुत सारे गुरूद्वारे और मस्जिद तथा जैन मंदिर बनवाये I केदार नाथ ,बद्री नाथ , पूरी के करोड़ों के मंदिर बनवाये I आधा हिंदुस्तान मठ मनदिर और आश्रमों से पत्ता पड़ा है. हजारों मूर्तियाँ . स्टेचू ,गाँधी और नेहरु के बने खड़े हैं I मगर कभी भी बहुजनो के उदहार करता का फोटो , मंदिर या स्टेचू/ मूर्तियाँ बनाने का काम किसी भी फर्जी राष्ट्र चिन्तक ने नहीं किया ? बहुजनो के मसीहा को जन चेतना लेन के वास्ते उनकी अगर मूर्तियाँ बनवा दीं I तो गरीबी और बेरोजगारी के बहाने इतना हंगामा बरपा दिया I मानो बहन मायावती ने कोई बहुत महान काम न करके . बहुत ही बड़ा अक्षम्य पाप कर दिया हो ?.अगर महान पुरुषों के नाम पर इतनी आपत्ति है तो पत्थरों की देश में जितनी भी मूर्तियाँ मंदिर मकबरे गुरूद्वारे और सारे तथा -कतिथ महान पुरुषों की जितनी भी मूर्तियाँ हैं उन सबको तुड़वाकर सर्कार और समाचार माध्यम अपनी आत्मा को शांत कर लें? और सभी लोगों के साथ न्याय भी हो जाये
जो
लोग कहते है की बहन जी ने अपने समाज के लिए शिच्छा और रोजगार पर पैसे खर्च
करना चाहिए, न की पत्थर की मूर्तियों पर, सवाल यह है की दलित बहुजन हजारों
सालों से मेहनत मजदूरी करके जिन्दा है और आगे भी मेहनत के बल पर जिन्दा
रहेगा आज नहीं तो कल अपने मेहनत के बल पर मुख्यधारा में आ ही जायेगा
...लेकिन बहन जी ने जो हमारे महापुरषों के स्मारक और मुर्तिया लगवा दिया वो
तो हजारो सालों के लिए अमर हो गया i वो तो हमारी फिक्स सम्पति है i
राजाओं ने जनता के धन से बहुत सारे पत्थरों के किले बनवाये I पुजारियों के
लाभ के लिए बहुत सारे पत्थरों के बड़े बड़े मंदिर बनवाये I शाह जहाँ ने
करोंड़ों रुपये का ताज महल अपनी पत्नी की शान / याद में बनबाया I पत्थरों की
क़ुतुब मीनार बनबाई I लक्ष्मी बाई ने अपनी
जान की हिफाजत में पत्थरों का किला बनबाया I बड़ी बड़ी पत्थरों की बहुत सारे
गुरूद्वारे और मस्जिद तथा जैन मंदिर बनवाये I केदार नाथ ,बद्री नाथ , पूरी
के करोड़ों के मंदिर बनवाये I आधा हिंदुस्तान मठ मनदिर और आश्रमों से पत्ता
पड़ा है. हजारों मूर्तियाँ . स्टेचू ,गाँधी और नेहरु के बने खड़े हैं I मगर
कभी भी बहुजनो के उदहार करता का फोटो , मंदिर या स्टेचू/ मूर्तियाँ बनाने
का काम किसी भी फर्जी राष्ट्र चिन्तक ने नहीं किया ? बहुजनो के मसीहा को जन
चेतना लेन के वास्ते उनकी अगर मूर्तियाँ बनवा दीं I तो गरीबी और बेरोजगारी
के बहाने इतना हंगामा बरपा दिया I मानो बहन मायावती ने कोई बहुत महान काम न
करके . बहुत ही बड़ा अक्षम्य पाप कर दिया हो ?.अगर महान पुरुषों के नाम पर
इतनी आपत्ति है तो पत्थरों की देश में जितनी भी मूर्तियाँ मंदिर मकबरे
गुरूद्वारे और सारे तथा -कतिथ महान पुरुषों की जितनी भी मूर्तियाँ हैं उन
सबको तुड़वाकर सर्कार और समाचार माध्यम अपनी आत्मा को शांत कर लें? और सभी
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