इसमें हमारे सफाई कर्मचारियों का कोई कसूर नहीं है ..........................ये काम इनको सज़ा के तोर पर दिया गया था ..............इनको ये सजा न दी जाती अगर ये सिख गुरु का सीर शीश गंज गुरुद्वारा दिल्ली से न ले आते ..............इनको ये सजा न दी जाती अगर ये सूअर की चर्बी और गाय की चर्बी बारूद में लगाई जाती थी का रह्स्य में न बताते///इनको ये सजा न दी जाती अगर ये नई दिल्ली के बाल्मीकि मंदिर से गाँधी को पीट कर भगा देते///

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