Tuesday, March 12, 2013


Aditya Shinde@ ‎1965 से लेकर 1984-85 तक करीब 20 साल बाद मेरे साथ बहुत बडा धोका हुआ।जिस संगठन को मैंने समाज को अपने पैरो पर खडा करने के लिए बनाया था उस संघठन को रजिस्टर्ड कराकर चंद सिक्कों में बिककर सरकार के हवाले करके बैठ गए।उस वखत रजीव गांधी अर्जुनसींग एस बी चौहान और अरुन सींग ईन आदमियों ने मिलकर बामसेफ को मुझसे छिना जिस बामसेफ को मैने अपना दिमाग खोखला कर बनाया था।20 साल में मैने इसको इस लायक बनाया के मै इसका उपयोग कर अपने समाज को अपने पैरो पर खडा कर सकु।पर इन आदमियों ने मिलकर चंद पाँच लाख रुपयों में मेरे 110 आदमियो को तोडकर जो मेरा नॉन रजिस्टर्ड संगठन था उसे रजिस्टर्ड किया।अर्जुनसिंग जो उस वखत पंजाब का गवर्नर था उसने पंजाब के कूछ लोगो को तोडना शुरु किया तोडे हुए लोगो मेँ से एक को वे मिनिस्टर बनानेवाले थे और महाराष्ट्रा में एस बी चौहान तोडने का काम कर रहा था जिस आदमी को महाराष्ट्र मेँ तोडा गया था ऊसे मेंबर ऑफ पार्लमेंट घोषित करनेवाले थे।जब मैने रजीव गांधी को सबक सिखाया तब ऊसे सारी चिज बतानी पडी के कैसे उन्होने बामसेफ को रजिस्टर्ड किया।-मान्यवर कांशिरामजी.

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